जानिए भूकंप के बारे में सब कुछ

उत्तराखंड में अभी-अभी भूकंप आया है. माने 6 दिसंबर, 2017 की शाम 8 बजकर 49 मिनिट और 54 सेकंड पर. भूकंप था 5.5 मैग्नीट्यूड की रीडिंग वाला. दिल्ली एनसीआर तक का इलाका हिल गया. वैसे वैज्ञानिक आए दिन भूकंप के खतरों के बारे में बताते ही रहते हैं. तो आइए आपको भूकंप के बारे में तसल्ली से बताते हैं. सबकुछ.

धरती पर भूकंप आता क्यों है?

हम सभी कुछ ना कुछ गड़बड़ करते रहते हैं. कभी-कभी धरती भी गड़बड़ कर देती है, बल्कि रोज कर देती है. पूरे ग्लोब पर रोज-रोज कहीं ना कहीं कुछ खटपट होता रहता है. छोटे-छोटे वाले तो कुछ नहीं कर पाते. पर जब कहीं कुछ बड़ा हो जाता है, तो पता चलता है कि भूकंप आ गया है.

अगर धरती को छेद के देखें तो ये तीन लेयर में होती है. सबसे ऊपरी लेयर को क्रस्ट कहते हैं. ये क्रस्ट पूरी धरती को घेरे रहता है. मतलब हमारे पांव के नीचे की जमीन और नदी-समंदर के नीचे की भी जमीन. ये बहुत ही मोटी परत होती है. जो हम देख पाते हैं, इससे बहुत गहरी.

तो हमारी जमीन के नीचे बहुत सारी प्लेट्स होती हैं. आड़ी-तिरछी. इधर-उधर. एकदम फंसी हुई. एक हिली तो दूसरी भी हिलेगी. एक खिंची तो कई और खिंच जाएंगी. और जब ये ज्यादा हो जाता है, तो ऊपर की जमीन खड़खड़ा जाती है. भूकंप आ जाता है. करोड़ों बरसों पहले जब कई प्लेट्स ऐसे ही टकराई थीं, तब इसी टक्कर से कई सारे पहाड़ बने थे. मतलब हल्के में नहीं लेना है इस टक्कर को. हिमालय भी ऐसे ही बना था. कहीं-कहीं भूकंप के अलावा ज्वालामुखी भी फट जाते हैं. इसमें क्या होता है कि धरती के अन्दर का लावा बाहर आ जाता है. गरम-गरम.

तो पूरी धरती पर कई फॉल्ट जोन हैं. मतलब कई जगह प्लेट्स एक-दूसरे से मिलती हैं. अब जहां मेल-जोल होगा, खटपट होगी ही. तो भूकंप ऐसे ही फॉल्ट जोन में आता है.