नोटबंदी के एक वर्ष पूरे, क्या कहते है नोटबंदी की राय देने वाले अर्थशास्त्री अनिल बोकिल, आइये जानें

8 नवंबर 2016 को देश के प्रधानमत्री ने देशहिट में बड़ा फैसला लेते हुए नोटबंदी का ऐलान किया था. नोटबंदी से 86 प्रतिशत करेंसी 500 तथा 1000 के नोटों के रुप में होने के कारण जनता बहुत मुश्किल हालत से लड़ रही थी. इस तरह अचानक इतनी बड़ी मात्रा में नोटों के मार्किट में चलन से बाहर होने के चलते लोगो को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था. वही, प्रधानमंत्री मोदी जनता को आश्वासन भी दिया कि यह जनता कि भलाई के लिए ही है. कुछ इलाकों भारी भीड़ के चलते लोगों की मौतों की खबर भी आई थी.

अनिल बोकिल जो की एक इकोनॉमिस्ट हैं, ने नोटबंदी के लिए कुछ वर्ष पूर्व सुझाव दिए थे, परन्तु उस समय मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे. इसलिए प्रधानमंत्री मोदी ने प्रधानमंत्री बनाने के बाद अपने पद का इस्तेमाल करते हुए बोकिल से इस सन्दर्भ में फायदे तथा नुकसान जानने के लिए एक मीटिंग फिक्स की. इस पर बोकिल में बताया कि हमारा प्रपोजल एक जीपीएस सिग्नल की तरह था. हमने सिर्फ सरकार को एक सही रास्ता दिखाया था. जैसे जीपीएस गलत रास्ते पर जाने पर आपको दूसरा रास्ता दिखाता है वैसा ही कुछ काम हमने किया. हमने पांच साल पहले ही नोटबंदी के फायदे और नुकसान के सभी प्वाइंट्स पब्लिक डोमेन में रखे थे. हमने कभी नहीं बोला कि 500 और 1000 के नोट एक झटके में निकाल दो. सिर्फ 1000 के नोट बाहर निकालते तो 35% का गैप आ जाता. 500 के नए नोट का स्टॉक बढ़ा देते तो 2000 का नोट इंट्रोड्यूस ही नहीं करना पड़ता.

उन्होंने बताया कि सरकार ने हमारा 5 प्वाइंट योजना नहीं मानी. यह कहा नहीं जा सकता कि सरकार चुनाव से पहले किए गए वादों को निभाना की कोशिश कर रही हो. हमने एक टैक्सलेस कैश इकोनॉमी की बात कही थी. उन्होंने कहा हमें लगता है कि नोटबंदी केवल एक संरचनात्मक परिवर्तन की शुरुआत है. नोटबंदी करना एक प्रभावी निर्णय है क्योंकि इसने नकदी के रूप में कालेधन को कम कर दिया है.

इसमें कोई शक नहीं कि नोटबंदी के वक्त सरकार ने जो बातें कहीं उसकी वजह से कई लोगों ने तब इसका समर्थन किया था. अब इनमें से कई लोग यह मान रहे हैं कि नोटबंदी के जितने लाभ बताए गए थे, उतने नहीं मिले भी हैं. कई लोग आज भी इसका समर्थन कर रहे हैं लेकिन आंकड़े कुछ और ही कहानी कह रहे हैं. इंडस्ट्री कह रही है कि सेल कम हो गए हैं और नौकरियां लगभग समाप्त हो गई हैं.