शेयर बाजार में उछाल, मूडीज ने की भारत के आर्थिक सुधारों की वर्षो बाद तारीफ

सभी देशों को क्रेडिट रेटिंग देने वाली अमेरिकी संस्था ‘मूडीज’ ने सम्प्रभु देशों की रेटिंग में भारत की रैंकिंग में सुधार कर दिया है. ये रेटिंग मूडीज ने 13 साल बाद बदलाव करते हुए नियंत्रित और पॉजिटिव आउटलुक रखते हुए Baa3 से घटाकर Baa2 कर दी है. मूडीज द्वारा किया गया यह सुधार भारत के लिए बड़ा सकारात्मक कदम है.

मूडीज ने 13 वर्ष के बाद भारत की क्रेडिट रेटिंग में सुधार किया है. इससे पहले वर्ष 2004 में संस्था ने भारत की क्रेडिट रेटिंग में सुधार करते हुए उसे ‘बीएए3’ किया था. मूडीज द्वारा रैंकिंग में सुधार किए जाने के बाद शुक्रवार शेयर बाजार का बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक में सेंसेक्स खुलते ही 400 अंक का उछल आया.

प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी इस बाबत ट्वीट कर कहा कि ‘मूडीज का मानना है कि नरेंद्र मोदी सरकार के सुधारों से भारत में कारोबारी माहौल में सुधार होगा, उत्पादकता में वृद्धि होगी, विदेशी और घरेलू निवेश को प्रोत्साहित करेगा और अंततः मजबूत और सतत विकास को बढ़ावा मिलेगा’.

एक्सपर्ट्स का मानना है कि इससे देश की इकोनॉमी को तो सहारा मिलेगा और निवेशकों के इन्वेस्टमेंट पर मोटे रिटर्न मिलेंगे. इसके अलावा विदेशी निवेश बढ़ने से देश में रोजगार के नए अवसर बनेंगे. मूडीज के मुताबिक भारत की ग्रोथ उभरते देशों में सबसे अधिक रहेगी. आगे सरकारी कर्ज, वित्तीय घाटे में स्थिरता संभव रह सकती है. इसी के साथ पीएसयू बैंकों के रीकैपिटलाइजेशन से ग्रोथ बढ़ेगी.

वीएम पोर्टफोलियो के हेड विवेक मित्तल के अनुसार रेटिंग बढ़ने पर देश की अर्थव्यवस्था के साथ कंपनियों के फंडामेंटल में भी बदलाव आ जाएगा, और कई सेक्टर्स की री-रेटिंग हो सकती है. रेटिंग बढ़ने से देश को आसानी से कर्ज मिल पाएगा. भारत का व्यापार घाटा कम हो जाएगा. इसके साथ ही भारत में विदेशी निवेश बढ़ने की उम्मीदों से इनकार नहीं किया जा सकता.