इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने किये चौंकाने वाले खुलासे, नोटबंदी के बावजूद कैसे खपाया लोगों ने कालाधन

8 नवंबर को प्रधानमंत्री मोदी ने अचानक 500 तथा 1000 रूपए कीमत के नोटों को चलन से बाहर कर दिया था. मार्किट में 86% करेंसी 500 तथा 1000 रुपये के रूप में थे. इस कार्यवाही को कालेधन पर बड़ी चोट बताया गया था. नोटबंदी के एक साल पूरे होने के बाद अब इनकम टैक्स विभाग की एक महत्वपूर्ण रिपोर्ट तैयार हो चुकी है. इस रिपोर्ट में इनकम टैक्स विभाग ने खुलासा किया है कि नोटबंदी लागू होने के बाद देशभर में किस तरह से नोटबंदी के प्रभावों से बचने के लिए आम आदमी और संस्थाओं ने पुराने कैश को ठिकाने लगाने की जद्दोजहद की थी.

आईटी की रिपोर्ट के कुछ टॉपिक्स :

– इस मामले में डिपार्टमेंट ने संदिग्ध रूप से जमा की गई रकम का खुलासा किया है. रिपोर्ट में बताया गया है कि किस तरह से कारोबारियों ने कैश को खपाने के लिए बैकडेट में अपने टैली सॉफ्टवेयर में एंट्री की है. इसके अलावा, किस तरह नोटंबदी के ऐलान के बाद पुराना कैश जमा करने की अवधि में पेट्रोल पंप मालिकों ने अपनी डेली सेल को बढ़ा-चढ़ा कर दिखा कर कालाधन खपाने में लोगों की मदद की है.इस दौरान शेल कंपनियों ने कालेधन को खपाने के लिए संदिग्ध एंट्री कीं हैं.

– इनकम टैक्स विभाग की जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि ऑपरेशन क्लीन मनी के दौरान ज्वैलर्स और बुलियन ट्रेडर्स ने पैन कार्ड रिपोर्टिंग से बचने के लिए खरीद और बिक्री के बिल को छोटी-छोटी रकम में तैयार किया.

– कारोबारियों ने कई परत में ट्रांजैक्शन को अंजाम दिया जिससे वास्तविक फायदा उठाने वाले व्यक्ति तक न पहुंचा जा सके.ऑपरेशन क्लीन मनी के पहले चरण की जांच में अधिक कैश लेनदेन वाले खाताधारकों ने दावा किया है कि उनके खातों में बढ़ा कैश जमा कैश सेल के चलते हुआ है.

– इस ऑपरेशन के दौरान बैंकों में जमा हुए अधिक कैश के मामलों में 57.5 फीसदी मामले कारोबारियों द्वारा कैश में की गई बिक्री के रहे वहीं जमा हुआ महज 20 फीसदी कैश उनकी नोटबंदी के ऐलान से पहले हुई बिक्री से एकत्र हुई है. ऑपरेशन के इस चरण के दौरान इनकम टैक्स विभाग ने 17.92 लाख लोगों की पहचान की है जिन्हें गैरकानूनी कैश ट्रांजैक्शन में लिप्त पाया गया.

– इन 17.92 लाख लोगों में लगभग 9.72 लाख टैक्सपेयर ने नोटबंदी के ऐलान के बाद जमा किए गए लगभग 2.89 लाख करोड़ रुपये की सफाई ऑनलाइन माध्यम से दी है. यह सफाई इनके द्वारा ऑपरेट किए जा रहे लगभग 13.33 लाख बैंक में नकद जमा पर दी गई.

– इनके अलावा इनकम टैक्स विभाग की जांच में इन टैक्सपेयर्स ने लगभग 41,600 अन्य बैंक खातों की जानकारी मुहैया कराई है जिसमें निर्धारित सीमा से अधिक कैश जमा कराया गया.