मोदी सरकार स्लाटर हाउस पर लगे बैन को हटाने पर कर रही विचार, उत्तर प्रदेश में सत्ता सँभालने के बाद लिया गया था फैसला

मवेशियों के वध के लिए बिक्री को पूरे देश में बंद करने के फैसले को केंद्र सरकार वापस लेने की तैयारी में है. ये जानकारी पर्यावरण और वन मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दी है. इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, अधिकारी ने कहा, ‘हमने कानून मंत्रालय को एक फाइल भेजी है, जिसमें हमने कहा है कि हम कुछ कारणों की वजह से अधिसूचना को वापस ले रहे हैं. हालांकि इस प्रक्रिया में कितना समय लगेगा इस बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता.’

23 मई को सरकार ने ‘प्रिवेंशन ऑफ क्रूएलटी टू एनिमल्स रूल्स, 2017’ में बदलाव किए जाने को लेकर नोटिफिकेशन जारी किया था. इस पर सरकार ने राज्यों की भी सलाह मांगी थी. नोटिफिकेशन जारी होने के बाद एनडीए सरकार को कड़ी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था. उस दौरान गाय के नाम पर हो रही हिंसा के कई मामले भी सामने आ रहे थे.

इससे पहले मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै बेंच ने भी केंद्र सरकार द्वारा मवेशियों के वध के लिए बिक्री को पूरे देश में बंद करने के फैसले पर रोक लगा दी थी. साथ ही कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस जारी कर उनसे जवाब मांगा था.

पर्यावरण मंत्रालय ने 26 मई को नियमों में संशोधन किया था जिसका मकसद पशुओं को क्रूरता से बचाना बताया था. इसमें पशु बाजारों में कत्ल के लिए जानवरों की खरीद-फरोख्त पर रोक लगा दी गयी थी. जो जानवर इस नियम के दायरे में थे उनमें गाय, सांड, भैंस, बछिया, बछड़ा और ऊंट शामिल थे.

उत्तर प्रदेश में शुरू किये गए ये नियम बाद में कई राज्यों में लागू कर दिए गए थे. भाजपा सरकार के इस फैसले के बाद कई कसाईबाड़े वाले बेरोजगार हो गए थे. इस फैसले पर अलग अलग लोगों ने अपनी अलग अलग राय दी थी. बेरोजगारी के बाद कई लोग चोरी जैसी घटनाओं में भी लिप्त हो गए थे. इस फैसले का कई जगह विरोध किया गया था. इसके अलावा गोवा में इस बैन का कोई असर नहीं था.